Wednesday, April 9, 2014

इतने सालों बाद मिला !!
बताओ न तुम्हें कैसा लगा.???
बिल्कुल ऐसा...
जैसे जलती हुई आग पर किसी ने डाल दिया हो पानी ......
सच !!!!! 
हां.. 
मतलब जानते हो इसका साहिब.???
हां.
यही, कि मैंने बुझा दी वो याद और इंतजार की आग जिसमें जल रही थी तुम मेरे लिए... 
मिलके मुझसे हो गई हो तुम तापमुक्त.. 
हां...।। 
वैसे इसका एक और भी मतलब है महाशय..!
सुनना चाहते हो... 
सुनो.. 
तुमने डाल दिया पानी उस जलती हुई लौ पै !
जिसकी रोशनी में अक्सर तुमसे मिलने के ख्वाब बुना करती थी मैं.. 
तुम आज आए, 
मिले...
और ख्वाब हकीकत हो गया.. 
हां, लेकिन ख्वाब खत्म हो गया.. 
और साथ में मेरी ख्वाब बुनने की कला भी !!!

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