ज़िन्दगी यूँ तो कई बार मिली
ज़ुर्मे ख़ूं में ही गिरफ़्तार मिली.
ख़ून भी मेरा ओ' मैं ही क़ातिल
उसपे मुझको ही सज़ा यार मिली.
चाह को पी लूँ, तलब थी मेरी,
वो भी मेरी ही तलबगार मिली.
वक़्त पे हमने किये सारे हिसाब
फिर भी हर चीज़ क्यों उधार मिली?
बच भी पाते तो भला कैसे प्रिया?
सबके चाकू में ग़ज़ब धार मिली.
शक्लो-शोहरत पे खरोंचें न मिलीं,
एक बस रूह ज़ार-ज़ार मिली.
22-08-2018
Wednesday, September 5, 2018
हमें दोज़ख़ में डाले दे रही है,
ये कैसी बेरहम,मक्कार दुनिया.
किसी का क्या बिगाड़ा हमने था? जो
हमारी की गयी बरबाद दुनिया.
किसी ने कर दिया है ख़ूं किसी का
उसी को दे रही है दाद दुनिया
कि अब है पाप धोने में सहूलत,
चली जाती है हरि के द्वार दुनिया
हमीं हैं एक बस बन्धन यहां पर
ओ है आबाद, थी आबाद दुनिया
हमारी लूट में शामिल है ये भी
जो दिखती है ये थानेदार दुनिया
हमीं हम इश्क़ में खोजा फिरे थे
सभी की है जी हुस्ने-यार दुनिया
चुनेंगे दोस्त इनमें से ही ओ फिर
कहेंगे है बड़ी ग़मख़्वार दुनिया
कभी तो झाँककर देखा भी होता
हमारे दिल में भी है प्यार दुनिया
प्रिया ने रख दिया है सामने दिल
जिसे अब बांटना हो बाँट दुनिया.
हमीं ने ग़र्क की है, अब हमें भी
दिखाएगी नरक का द्वार दुनिया
मिलेगी मौत दिल के नाम पर ही
गो यूँ तो है बड़ी दिलदार दुनिया
31-08-2018
ये कैसी बेरहम,मक्कार दुनिया.
किसी का क्या बिगाड़ा हमने था? जो
हमारी की गयी बरबाद दुनिया.
किसी ने कर दिया है ख़ूं किसी का
उसी को दे रही है दाद दुनिया
कि अब है पाप धोने में सहूलत,
चली जाती है हरि के द्वार दुनिया
हमीं हैं एक बस बन्धन यहां पर
ओ है आबाद, थी आबाद दुनिया
हमारी लूट में शामिल है ये भी
जो दिखती है ये थानेदार दुनिया
हमीं हम इश्क़ में खोजा फिरे थे
सभी की है जी हुस्ने-यार दुनिया
चुनेंगे दोस्त इनमें से ही ओ फिर
कहेंगे है बड़ी ग़मख़्वार दुनिया
कभी तो झाँककर देखा भी होता
हमारे दिल में भी है प्यार दुनिया
प्रिया ने रख दिया है सामने दिल
जिसे अब बांटना हो बाँट दुनिया.
हमीं ने ग़र्क की है, अब हमें भी
दिखाएगी नरक का द्वार दुनिया
मिलेगी मौत दिल के नाम पर ही
गो यूँ तो है बड़ी दिलदार दुनिया
31-08-2018
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