Wednesday, April 9, 2014

गीत
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तू जो मेरा हुुआ तो सबेरा हुुआ
जिंदगी में कहीं
छंट गई रात काली, खिली धूप अब
जिंदगी में कहीं

तू जो मुझको मिला तो खुदा मिल गया
मेरी ख्वाहिश को अब रास्ता मिल गया
छू गई रोशनी, मिल गई हर खुशी जिंदगी में कहीं...।।

तेरी सांसों के साए में जीता रहूं
तेरी चाहत को आंखों से पीता रहूं
मैं रहूं साथ जब भी तू जाए कहीं...।।

तू जो मेरा हुआ...।।


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