गज़ल
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जो गुजरा हुआ जमाना है
एक बार वो फिर तो आ जाए.।।
वो प्यार की मीठी सी आहट
वो पहली नजर का पागलपन
वो तुझे देखने की चाहत
वो जुगनू सा दीवानापन..
एक बार...........................।।
वो ख्वाबों में तुझसे मिलकर
मेरी खामोशी का छंट जाना,
जैसे हो रात अमावस पर
छुपके चंदा का दिख जाना..
एक बार..........................।।
वो नजरों के टकराते ही
दिल की धड़कन का बढ़ जाना
वो आंखों ही आंखों में यूं
मुझसे तेरा सब कह जाना
एक बार..........................।।
वो दर्द था जालिम दवा भी था
वो इश्क सुकूं और वफा भी था
वो आशिक बड़ा मिजाजी था
शायद ये इश्क नबाबी था
एक बार.........................।।
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जो गुजरा हुआ जमाना है
एक बार वो फिर तो आ जाए.।।
वो प्यार की मीठी सी आहट
वो पहली नजर का पागलपन
वो तुझे देखने की चाहत
वो जुगनू सा दीवानापन..
एक बार...........................।।
वो ख्वाबों में तुझसे मिलकर
मेरी खामोशी का छंट जाना,
जैसे हो रात अमावस पर
छुपके चंदा का दिख जाना..
एक बार..........................।।
वो नजरों के टकराते ही
दिल की धड़कन का बढ़ जाना
वो आंखों ही आंखों में यूं
मुझसे तेरा सब कह जाना
एक बार..........................।।
वो दर्द था जालिम दवा भी था
वो इश्क सुकूं और वफा भी था
वो आशिक बड़ा मिजाजी था
शायद ये इश्क नबाबी था
एक बार.........................।।
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