Thursday, April 24, 2014

भजन..
--------------------

किन्ना सोणा लगदा है मेरा गिरधारी,
मैं तो हारी हारी हारी साड्डा दिल हारी..।।

सावंरा सलोना मेरा माही बड़ा जंचदा,
आंखा  कजरारी कारी मोर पंख सजदा
घुंघराली लट गल फूल माल रचदां,
ओठां बिच मुरली लागे बड़ी प्यारी......।।
मैं तो हारी......................।।।

रूप तेरा वेख राधे दुनिया भुलाएनी,
तेरे नाल बैठ मंद-मंद मुस्काएनी,
मोहना दी झांकी प्यारी मन में बसाएनी
तुआड्डी तीनां लोकन दे छवि न्यारी..।।
मैं तो हारी.......................।।

तैनूं वेख वेख मेरा मन हरषाइयां,
जित्‍थे जावा उत्‍थे तेरी मूरत ही पाइयां
तेरे बिना चैन एक पल नहीं आईयां
तेरी सूरतानि बारि जावां बनवारी..।।
मैं तो हारी......................।।


No comments:

Post a Comment