Wednesday, April 9, 2014

सुन रही हो....?
दरिया चाहे प्रेम का ही हो, डूबने का खतरा वहां भी रहता है..
बहुत गहरे उतर रही हो तुम..!!
जी हां...सही पहचाने..
अगर हो कोई काबिल गोताखोर तो कह दो कूद जाए दरिया में..

और ढूंढ़ के निकाल ले मुझे..
पर कान खोलकर सुनो,,,,, 

तुम भी उसकी जान की परवाह करना और एक बात का ख्याल रखना,
उतरते-उतरते डूबने का हुनर हो चला है मुझे,
उसे भी तैराकी में महारथ हासिल हो..।। ।। ।।

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