__ सिर्फ " एकतरफा प्रेमी " कहे गए प्रेमियों को समर्पित.....
तुम्हारा प्रेम,
जिसके लिए नहीं है कोई जगह
न दिल, न दुनिया, न किसी मुहोब्बत के मकबरे में...
जिसकी आहटें खुले में भरती हैं सिसकियां, और
ठंडी बौछारें बनकर उड़ जाती हैं मिलन की महफिलों में..!!
_____ओ ..प्रेम के सरकंडे से व्हेल सी जिंदगी हांकने की जिद करने वालो.....
मत फैलाओ हाथ कि कोई दे तुम्हें प्रेम दया में..
या बस एक बार कोई भर ले तुम्हें अपनी बांहों में,,
और जड़े चुम्बन तुम्हारे होठों पर....... चाहे बस पहली और आखिरी ही बार....
____मत आस करो कि तुम बन जाओ मुहोब्बत के परवाने,
और कोई लौ जलकर तुम्हें खाक करे.
या कोई सजाए तुम्हें अपनी चारदीवारी में गमले का पौधा बनाकर...और निहारे तुम्हें सुबहो-शाम
मत मांगों भीख ,...
तुम्हारे प्रेम को एकतरफा करार देने वाले, मिलन में उलझे, बौने दिल के आदमकदों से,
अपने भीतर उत्पन्न प्रेमरक्त से इस धरा को सींचने वालों,
ओ जंगल के मदमस्त वृक्षों !
तुम्हारी सांस से सांस लेती है ये जमीं..
प्रेम की निश्छल, निस्वार्थ, निष्कपट धरोहरों
तुम ही प्रेम हो, हकीकत हो, तुम अनंत हो...!!!!
_______सुनो.... एकतरफा प्रेमी कहकर उपेक्षित किए गए प्रेमियों...
आज ये लड़की करती है तुम पर अपना सर्वश्व निछावर
ये बोलेगी तुम्हारा मौन...
और इसकी कविताओं में होगा तुम्हारा वास......
सदैव.....
तुम्हारा प्रेम,
जिसके लिए नहीं है कोई जगह
न दिल, न दुनिया, न किसी मुहोब्बत के मकबरे में...
जिसकी आहटें खुले में भरती हैं सिसकियां, और
ठंडी बौछारें बनकर उड़ जाती हैं मिलन की महफिलों में..!!
_____ओ ..प्रेम के सरकंडे से व्हेल सी जिंदगी हांकने की जिद करने वालो.....
मत फैलाओ हाथ कि कोई दे तुम्हें प्रेम दया में..
या बस एक बार कोई भर ले तुम्हें अपनी बांहों में,,
और जड़े चुम्बन तुम्हारे होठों पर....... चाहे बस पहली और आखिरी ही बार....
____मत आस करो कि तुम बन जाओ मुहोब्बत के परवाने,
और कोई लौ जलकर तुम्हें खाक करे.
या कोई सजाए तुम्हें अपनी चारदीवारी में गमले का पौधा बनाकर...और निहारे तुम्हें सुबहो-शाम
मत मांगों भीख ,...
तुम्हारे प्रेम को एकतरफा करार देने वाले, मिलन में उलझे, बौने दिल के आदमकदों से,
अपने भीतर उत्पन्न प्रेमरक्त से इस धरा को सींचने वालों,
ओ जंगल के मदमस्त वृक्षों !
तुम्हारी सांस से सांस लेती है ये जमीं..
प्रेम की निश्छल, निस्वार्थ, निष्कपट धरोहरों
तुम ही प्रेम हो, हकीकत हो, तुम अनंत हो...!!!!
_______सुनो.... एकतरफा प्रेमी कहकर उपेक्षित किए गए प्रेमियों...
आज ये लड़की करती है तुम पर अपना सर्वश्व निछावर
ये बोलेगी तुम्हारा मौन...
और इसकी कविताओं में होगा तुम्हारा वास......
सदैव.....