. राम का नाम भजे हनुमंता
श्याम का नाम भजो भई संता
. राधा कुंड मनोरम धाम
श्याम कुंड पर कर विश्राम
. आओ चलो चलें गोवरधन
पहुंच करें गिरिराज के दर्शन
. कृष्ण भजो संग राधा नाम
पूरी आस करेंगे श्याम
. बृज रज बृज का है वरदान
मस्तक धर सिंदूरी जान
. गिरि की देख छटा घनघोर
घिरि घिरि रंग बरसे चहुंओर
. परिकम्मा है अति सुखकारी
यहां विराजैं राधे प्यारी
. आओ गांव पूंछरी आओ
श्याम सखा को शीश नवाओ
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ये है गांव पूंछरी भाई
जाकी सुनी है जगत बड़ाई
राम भक्त हनुमंत कहाई
श्याम भक्त हैं लौठा भाई
कि जाईकै मिलि लेओ, लेयो बलइयां, सखा की कृष्ण मुरारी की
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आओ जतीपुरा पे आओ
देख मुखार-बिंद सुख पाओ
रबड़ी रसगुल्ला मेवन को
छप्पन व्यंजन भोग लगाओ
कि तृप्ति होगी तेरी, होगी कृपा जब जगत दुलारे की
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चलो चलें अब कुसुम सरोवर
जाकी झांकी बड़ी मनोहर
देख देख जब मन हरषेगा
बैठ भजेंगे गिरधर गिरधर
कि राधे नाम के संग में जै बोलेंगे बंसी बारे की
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परिकम्मा में सुनो रे भाई
राधे श्याम कुंड पे जाई
जो जो बहिनें दीप जलाई
सबकी होगी गोद भराई
कि आंगन में गूंजेगी किलकारी नटखट मतवारे की
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मन के कष्ट निकल भागेंगे
सोए भाग तेरे जागेंगे
बृज रज उड़ मस्तक बैठेगी
देव भी तेरा यश गावेंगे
कि तुझ को मिल जाएगी चाभी तब फिर प्रभु के द्वारे की
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परिकम्मा तुम कर लियो पूरी
कभी न छोड़ो आधी-अधूरी
क्षमा करो पापों को प्रभुवर
फिर तुम लो प्रभु से मंजूरी
कि तेरे फंद कटेंगे मिलेगी ज्योति कांवर कारे की
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