कब तक गुज़र करेंगे यूं?
दिन आख़िर बहुरेंगे यूँ?
दम घुटने से डर लगता था,
क्या अब यार मरेंगे यूँ?
सब ही तो नापाक हैं सा'ले
कितनों को बख्शेंगे यूँ?
जा'ने वा'लों में जू'ते सौ
कब तक राह तकेंगे यूँ?
पति देवता है 'प्रिया' तो
क्या उसको छल लेंगे यूँ?
अब कुछ ढंग के काम करेंगे,
कब तक इश्क़ करेंगे यू?
आज, अभी से सुधरेगा, जी
दिल के पेंच कसेंगे यूँ!
18-08-2018
No comments:
Post a Comment