जलते रहो
गर बुझी यह आग तो मुमकिन नहीं फिर से जलाना, सर्द पड़ जाने से पहले जल उठो,जलते रहो।।
Thursday, August 23, 2018
आप करते हैं उम्मीद मो'हब्बत निभाने की!
लोगों को तमीज़ नहीं हाथ तक मिलाने की.
20-08-2018
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment