जलते रहो
गर बुझी यह आग तो मुमकिन नहीं फिर से जलाना, सर्द पड़ जाने से पहले जल उठो,जलते रहो।।
Thursday, August 23, 2018
यही रस्मो-रिवाज़ ए ज़िन्दगी सबको निभाना है,
किसी को छोड़ दे'ना है, किसी से छूट जा'ना है.
14-08-2018
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment