जलते रहो
गर बुझी यह आग तो मुमकिन नहीं फिर से जलाना, सर्द पड़ जाने से पहले जल उठो,जलते रहो।।
Saturday, October 13, 2018
कल तलक़ थे आशना पर आज हैं हम अज़नबी,
और फिर दोनों ही कल तक यार मर जाएंगे हम.
प्यार की कुछ, बात कर ले, छोड़ भी दे, रंजिशें,
ये भी सच है, लौट कर, वापस नहीं आएंगे हम!
20 sept
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