जलते रहो
गर बुझी यह आग तो मुमकिन नहीं फिर से जलाना, सर्द पड़ जाने से पहले जल उठो,जलते रहो।।
Saturday, October 13, 2018
तुम्हारे बिन, कि जैसे ज़िंदगी में रंग सौ,
फिर उनपे पोत दी हो तल्ख़ कालिख़ वक़्त ने!
14 sept
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