सन्यास, सन्यास, सन्यास, जानती भी है तू...??
क्या होता है सन्यास...???
ओ नादान लड़की..
ये कोई अवस्था नहीं है जो बुढ़ापे की तरह एक दिन आएगी ही, या जिसे प्राप्त करने के लिए तप किया जाए...
यह तो बस भाव है, जो बिना गेरुआ वस्त्र पहने, बिना घर त्यागे और बिना जंगल की ओर प्रस्थान किए...खुद पैदा होगा....
और इसका परिणाम होगा शून्य...हां वही अनंत...अनंत....अनंत.....।।
क्या होता है सन्यास...???
ओ नादान लड़की..
ये कोई अवस्था नहीं है जो बुढ़ापे की तरह एक दिन आएगी ही, या जिसे प्राप्त करने के लिए तप किया जाए...
यह तो बस भाव है, जो बिना गेरुआ वस्त्र पहने, बिना घर त्यागे और बिना जंगल की ओर प्रस्थान किए...खुद पैदा होगा....
और इसका परिणाम होगा शून्य...हां वही अनंत...अनंत....अनंत.....।।
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