स्टुपिड सावन
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बद्तमीज ताे तुम हो..निहायत बद्तमीज..!
कई बार पहले भी...
तुम पर अपनी जवानी के दर्जनों बसंत लुटा चुकी, लड़कियों के मुंह से,
तुम्हारे चर्चे सुने..
पर तब हम बच्चे थे..
अपने मादक रूप-रंग और
रैमन मोनेगल, फ्रेडरिक माले या ज्यूनिपर रिज जैसी
तमाम सुगंधियों को भी मात देने वाली जादूगरी महक से,
मासूमों को मोहजाल में फंसाने वाले,
ओ दगाबाज....
तुम कईयों के दिल में उतरे,
किसी को सुलगाया, किसी को धूंआ किया, तो किसी को राख करने के बाद,
अपनी शुतुरमुर्गी गर्दन उठाकर चलते बने...
आज फिर तुमने एक मासूम लड़की पर नजर डाली..!!
और लड़की पर पानी को टुकड़े-टुकड़े कर बनाई गई तेजाबी बूंदों के छींटे मारे...
वो भी तब...
जब वो तुम्हारी बेशर्म छींटाकशीं से बचने की कोशिश में,
अपने गले से दुपट्टा खींचकर, बदन को लपेटने की जद्दोज़हद कर रही थी...
खैर...
तुम निपट भोगी....
आदतन बरस-बरस कर हमें भिगाते चलो..
हम भीग-भीग के फिर सूखते जाएंगे....---------स्टूपिड " सावन "...
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बद्तमीज ताे तुम हो..निहायत बद्तमीज..!
कई बार पहले भी...
तुम पर अपनी जवानी के दर्जनों बसंत लुटा चुकी, लड़कियों के मुंह से,
तुम्हारे चर्चे सुने..
पर तब हम बच्चे थे..
अपने मादक रूप-रंग और
रैमन मोनेगल, फ्रेडरिक माले या ज्यूनिपर रिज जैसी
तमाम सुगंधियों को भी मात देने वाली जादूगरी महक से,
मासूमों को मोहजाल में फंसाने वाले,
ओ दगाबाज....
तुम कईयों के दिल में उतरे,
किसी को सुलगाया, किसी को धूंआ किया, तो किसी को राख करने के बाद,
अपनी शुतुरमुर्गी गर्दन उठाकर चलते बने...
आज फिर तुमने एक मासूम लड़की पर नजर डाली..!!
और लड़की पर पानी को टुकड़े-टुकड़े कर बनाई गई तेजाबी बूंदों के छींटे मारे...
वो भी तब...
जब वो तुम्हारी बेशर्म छींटाकशीं से बचने की कोशिश में,
अपने गले से दुपट्टा खींचकर, बदन को लपेटने की जद्दोज़हद कर रही थी...
खैर...
तुम निपट भोगी....
आदतन बरस-बरस कर हमें भिगाते चलो..
हम भीग-भीग के फिर सूखते जाएंगे....---------स्टूपिड " सावन "...
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