जलते रहो
गर बुझी यह आग तो मुमकिन नहीं फिर से जलाना, सर्द पड़ जाने से पहले जल उठो,जलते रहो।।
Monday, May 5, 2014
" 'शबभर बरसीं आंखों से जवाब माकूल मिला
लोग हमारी अच्छाइयों का अब देने लगे हैं सिला....."
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