Wednesday, September 5, 2018

हमें दोज़ख़ में डाले दे रही है,
ये कैसी बेरहम,मक्कार दुनिया.

किसी का क्या बिगाड़ा हमने था? जो
हमारी की गयी बरबाद दुनिया.

किसी ने कर दिया है ख़ूं किसी का
उसी को दे रही है दाद दुनिया

कि अब है पाप धोने में सहूलत,
चली जाती है हरि के द्वार दुनिया

हमीं हैं एक बस बन्धन यहां पर
ओ है आबाद, थी आबाद दुनिया

हमारी लूट में शामिल है ये भी
जो दिखती है ये थानेदार दुनिया

हमीं हम इश्क़ में खोजा फिरे थे
सभी की है जी हुस्ने-यार दुनिया

चुनेंगे दोस्त इनमें से ही ओ फिर
कहेंगे है बड़ी ग़मख़्वार दुनिया

कभी तो झाँककर देखा भी होता
हमारे दिल में भी है प्यार दुनिया

प्रिया ने रख दिया है सामने दिल
जिसे अब बांटना हो बाँट दुनिया.

हमीं ने ग़र्क की है, अब हमें भी
दिखाएगी नरक का द्वार दुनिया

मिलेगी मौत दिल के नाम पर ही
गो यूँ तो है बड़ी दिलदार दुनिया

31-08-2018

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