जलते रहो
गर बुझी यह आग तो मुमकिन नहीं फिर से जलाना, सर्द पड़ जाने से पहले जल उठो,जलते रहो।।
Monday, June 25, 2018
तेरी आरज़ू में ही पागल हुई हूँ,
जो मिल जाए तू तो ख़ुदा जाने क्या हो?
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